
चावल उत्सव के दिन ही बंद रही उचित मूल्य की दुकानें, भंडारण नहीं होने से विक्रेता भी वंचित।
कवर्धा :- जहां एक ओर शासन द्वारा बड़े उत्साह के साथ “चावल उत्सव” मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर कबीरधाम जिले में इसका उल्टा ही नजारा देखने को मिला। जिले के अधिकांश उचित मूल्य की दुकानों में चावल का भंडारण नहीं होने के कारण दुकानें बंद रहीं।
जानकारी के अनुसार, जब उपभोक्ताओं ने दुकानों में पहुंचकर चावल लेने की कोशिश की, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। कई स्थानों पर दुकानों के शटर तक नहीं खुले। इस संबंध में जब विक्रेताओं से बातचीत की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि “उत्सव मनाने के लिए चावल ही उपलब्ध नहीं है”, ऐसे में वितरण कैसे किया जाए।
स्थिति यह रही कि जिस दिन गरीबों को लाभ पहुंचाने और योजना का प्रचार-प्रसार करने का उद्देश्य था, उसी दिन हितग्राही चावल लेने से वंचित रह गए। विक्रेताओं का कहना है कि समय पर भंडारण नहीं होने के कारण वे भी असहाय हैं।
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से पर्याप्त मात्रा में चावल उपलब्ध कराया जाता, तो इस प्रकार की स्थिति निर्मित नहीं होती।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



